खतरे की पहले ही दी गई थी सूचना, ग्रामीणों का आरोप- चेतावनी के बावजूद नहीं की गई घेराबंदी, पूरे इलाके में दहशत
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र में इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष ने एक बार फिर दर्दनाक रूप ले लिया। मरकाटोला-लरगांव स्थित स्कूल के पास जंगल में मादा भालू के हमले में दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस हादसे को समय रहते रोका जा सकता था। कुछ दिन पहले जंगल में एक मृत भालू के पास मादा भालू को घूमते हुए देखा गया था। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों और प्रशासन को सतर्क भी किया था। इसके बावजूद वन विभाग ने न तो क्षेत्र की घेराबंदी की और न ही लोगों के आवागमन पर रोक लगाने या चेतावनी बोर्ड लगाने जैसे सुरक्षा इंतजाम किए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण तीन ग्रामीण अनजाने में उसी इलाके में पहुंच गए,जहां मादा भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले में दो लोगों की जान चली गई, जबकि तीसरा ग्रामीण जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने, घायल का बेहतर इलाज कराने और वन विभाग की भूमिका की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सोसल मीडिया पर वाइरल