इंदौर। नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये की उगाही करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा विजयनगर पुलिस ने किया है। ऑर्बिट मॉल स्थित अल्फा कंसल्टेंसी के संचालक मयंक सराफ को गिरफ्तार कर पुलिस ने उसके कब्जे से 10वीं और 12वीं कक्षा की 313 छात्रों की मूल अंकसूचियां (मार्कशीट) बरामद की हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों से मूल दस्तावेज जमा कराता था और बाद में उन्हें लौटाने के बदले 5 से 10 हजार रुपये तक की मांग करता था।
पुलिस के अनुसार कई छात्रों ने शिकायत की थी कि रोजगार दिलाने का भरोसा देकर उनसे मूल मार्कशीट जमा कराई गई, लेकिन नौकरी नहीं मिली। जब छात्रों ने अपने दस्तावेज वापस मांगे तो उनसे मोटी रकम मांगी गई। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उन्हें धमकाया भी जाता था।
डीसीपी अमर सिंह राठौर ने बताया कि शिकायतों के आधार पर विजयनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मयंक सराफ को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसके कार्यालय से 313 छात्रों की मूल मार्कशीट बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। बरामद दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित छात्रों से संपर्क किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि कितने युवाओं से नौकरी के नाम पर रुपए वसूले गए और कितनों के मूल दस्तावेज अब तक रोके गए हैं।
पुलिस का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। वहीं पुलिस ने ऐसे युवाओं से भी सामने आने की अपील की है, जिन्होंने अल्फा कंसल्टेंसी के माध्यम से नौकरी के लिए आवेदन किया था या अपने मूल दस्तावेज जमा कराए थे। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है।