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मध्यप्रदेश

निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को झटका, अग्रिम जमानत खारिज, अब गिरफ्तारी का खतरा!    

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया को झटका, अग्रिम जमानत खारिज, अब गिरफ्तारी का खतरा!

 

 

कटनी। जमीन की सौदेबाजी और पद के कथित दुरुपयोग से जुड़े चर्चित मामले में निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, कटनी के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट क्रमांक-17) ने मामले की सुनवाई के बाद उन्हें अग्रिम राहत देने से इनकार कर दिया। जमानत नहीं मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है।

     अदालत ने अग्रिम जमानत आवेदन क्रमांक BA/821/2026 पर सुनवाई की। मामले की गंभीरता और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत देना उचित नहीं माना। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश शुक्ला ने अपना पक्ष रखा, जबकि अभियोजन और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच से जुड़े तथ्य अदालत के सामने रखे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

  एफआईआर के बाद से तीनों आरोपी फरार

      कुठला थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से नेहा पच्चीसिया के अलावा मामले के मुख्य वित्तपोषक क्षितिज राज बारापात्रे और कागजी खरीदार बताए जा रहे मारूफ अहमद हनफी भी फरार हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।

      पुलिस और एसआईटी की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद नेहा पच्चीसिया की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस के साथ साइबर सेल की विशेष टीमें भी आरोपियों की गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हैं।

     8 सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच

     मामले की तह तक पहुंचने के लिए जबलपुर की एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में 8 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है। एसआईटी जमीन सौदे से जुड़े बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और लेन-देन को मामले की कड़ियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

     सूत्रों के मुताबिक, सीज किए गए सीएसपी कार्यालय को भी जांच के लिए खोला जा सकता है। वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर उनकी जांच किए जाने की संभावना है। इससे मामले में कुछ नए तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं नेहा

     जिला अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद निलंबित सीएसपी के पास अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाने का विकल्प बचा है। वह गिरफ्तारी से राहत के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगा सकती हैं। हालांकि, हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिलने की स्थिति में पुलिस उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ा सकती है।

      इधर, पुलिस फरार चल रहे तीनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई और दस्तावेजों की पड़ताल के साथ अब इस मामले में आगे क्या खुलासा होता है, इस पर नजर बनी हुई है।

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