12 से 15 गांवों का संपर्क प्रभावित, जर्जर वैकल्पिक मार्ग पर रोज लग रहा जाम; ग्रामीण बोले- आवेदन दिए, फिर भी नहीं जागे जिम्मेदार
धार। धार से सुनारखेड़ी, नवासा और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क बदहाल हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढों में तब्दील इस सड़क पर अधूरे रेलवे ओवरब्रिज निर्माण ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि करीब 12 से 15 गांवों के हजारों ग्रामीण रोज कीचड़, धूल, गिट्टी और बड़े-बड़े गड्ढों के बीच जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क पर हर दिन जाम लग रहा है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह कैसा विकास है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य गांवों को बेहतर सड़क सुविधा देना था, लेकिन सुनारखेड़ी मार्ग अब केवल नाम भर की सड़क बनकर रह गया है। सड़क के दोनों ओर बने शोल्डर भी टूट चुके हैं, जिससे वाहन चालकों को गड्ढों से बचने के लिए गलत दिशा में निकलना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। इसी मार्ग से सुनारखेड़ी, नवासा, आनरद, सादलपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान, छात्र, व्यापारी, मजदूर और मरीज रोज आवागमन करते हैं। किसान अपनी उपज मंडी तक इसी रास्ते से पहुंचाते हैं, जबकि स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए भी यही मुख्य मार्ग है। ग्रामीण राधेश्याम पाटीदार, कैलाश चौहान, बाबूलाल डावर, रमेश सोलंकी और मोहनलाल पाटीदार ने बताया कि सड़क मरम्मत के लिए कई बार संबंधित विभाग को आवेदन दिए और जनसुनवाई में शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे ओवरब्रिज निर्माण ने भी परेशानी बढ़ा दी है। अंडरपास से राष्ट्रीय राजमार्ग तक करीब 500 मीटर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। बारिश में कीचड़ और अब बारिश थमने के बाद उड़ती धूल व गिट्टी राहगीरों के लिए नई मुसीबत बन गई है। स्थानीय निवासी योगेश वर्मा का दावा है कि ओवरब्रिज निर्माण शुरू होने के बाद से इस मार्ग पर 40 से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने तक वैकल्पिक मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की इस जर्जर सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि हजारों लोगों को रोजाना की परेशानी और हादसों के खतरे से राहत मिल सके।