बिना आवेदन संपत्ति कर खातों में नाम बदलने का मामला; आउटसोर्स कर्मचारी ब्लैकलिस्ट होगा, सहायक राजस्व अधिकारी को शोकॉज
इंदौर। संपत्ति कर खातों में बिना विधिवत आवेदन के नामांतरण करने के मामले में नगर निगम ने कार्रवाई की है। आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दो कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ तीन मस्टर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं एक आउटसोर्स कर्मचारी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई के तहत जोन क्रमांक 10, वार्ड 39 में पदस्थ बिल कलेक्टर रियाज अंसारी और मुख्यालय राजस्व विभाग के संजय यादव को निलंबित किया गया है। इसके अलावा जोन क्रमांक 13 के बिल कलेक्टर सौरभ तिवारी, रिमूवल विभाग में पदस्थ मस्टर कर्मचारी संतोष मालवीय तथा जोन क्रमांक 20 के बिल कलेक्टर अजय सोलंकी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
मामले में आउटसोर्स कर्मचारी सागर पवार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जोन क्रमांक 4 में प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी तरुण जोशी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
नवंबर से अप्रैल के बीच हुई गड़बड़ी की जांच
निगम को नवंबर से अप्रैल के बीच संपत्ति कर खातों में बिना विधिवत आवेदन के ओनर नेम बदलने की जानकारी मिली थी। मामला सामने आने के बाद आयुक्त सिंघल ने जांच कमेटी गठित की। कमेटी की रिपोर्ट में कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
साइबर क्राइम में एफआईआर के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने उपायुक्त राजस्व को साइबर क्राइम शाखा में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। निगम की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है और संपत्ति कर खातों में किए गए नामांतरण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हुए हैं।