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नई दिल्ली

प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू और खनौरी सीमाएं बंद!

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू और खनौरी सीमाएं बंद!
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू और खनौरी सीमाएं बंद!
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शंभू बॉर्डर पर कंक्रीट के अवरोधक और भारी सुरक्षा बल तैनात, दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर आवाजाही पूरी तरह थम

     नई दिल्ली। प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के खिलाफ पंजाब के किसानों ने सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में देश बचाओ मोर्चा के तहत विरोध का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान दिल्ली जाने के लिए शंभू और खनौरी सीमा पर एकत्र हुए। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने शंभू सीमा को पूरी तरह बंद कर दिया है और पूरे क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है।

देश के किसानों से सलाह क्यों नहीं ली गई 

दिल्ली की ओर बढ़ने से पहले किसान नेताओं और समर्थकों ने किसान घाट पर 4 घंटे की विशाल जनसभा की। किसान नेताओं का साफ कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत में देश के किसानों से कोई सलाह नहीं ली गई है। किसानों को गहरा डर है कि इस समझौते के लागू होते ही अमेरिका से सस्ते दाम पर सोयाबीन, मेवे, दुग्ध उत्पाद और अनाज भारतीय बाजारों में उतारे जाएंगे। इससे देश के छोटे किसानों, खेत मजदूरों और स्थानीय दुकानदारों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

सड़क पर कंक्रीट के टुकड़े रखकर किसानों का आना रोका

 सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी सीमा पर कंक्रीट के मजबूत अवरोधक लगा दिए हैं। सीमाएं बंद होने के कारण दिल्ली और आसपास के पूरे इलाके में यातायात चेतावनी जारी की गई है तथा आम लोगों को दूसरे रास्तों का उपयोग करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने सड़क पर बड़े-बड़े कंक्रीट के टुकड़े रखकर रास्ता पूरी तरह रोक दिया है। इसके अलावा दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर बड़े ट्रकों और ट्रालों को आड़ा-तिरछा खड़ा करके गाड़ियों की रफ्तार थाम दी गई है।

किसी को हरियाणा की सीमा में घुसने की इजाजत नहीं 

 स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां मौके पर तैनात की गई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पंजाब की तरफ से किसी भी व्यक्ति को हरियाणा की सीमा में घुसने की इजाजत नहीं दी जा रही है। खनौरी बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में पुलिस की सख्त नाकेबंदी है। सुरक्षाबल किसानों की हर हरकत पर बारीक नजर रख रहे हैं। कड़े पहरे के बावजूद कुछ किसान एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। किसान अब सड़क पर ही शांति से बैठकर अपने नेताओं के अगले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।

बंद रास्तों का विकल्प यह होगा

 शंभू सीमा बंद होने की वजह से दिल्ली और पंजाब के बीच चलने वाली गाड़ियों के लिए नए रास्ते तय किए गए हैं। दिल्ली से पंजाब जाने वाली गाड़ियां अंबाला छावनी, चंडीगढ़ मार्ग, लालड़ू, डेरा बस्सी और जीरकपुर होते हुए पंजाब में दाखिल हो सकती हैं। इसके अलावा चालक लालड़ू या डेरा बस्सी से दूसरे अंदरूनी रास्तों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी तरह पंजाब से दिल्ली जाने वाले वाहन राजपुरा, लालड़ू, डेरा बस्सी और जीरकपुर से होते हुए अंबाला छावनी और फिर दिल्ली जा सकते हैं। किसी भी तरह की आपात स्थिति में मदद पाने के लिए प्रशासन ने डायल 112 पर फोन करने की सलाह दी है।

यह सौदा खेती और किसानों को नुकसान पहुंचाएगा

      किसान संगठनों का कहना है कि यह व्यापारिक सौदा सीधे तौर पर खेती और किसानों के भविष्य को नुकसान पहुंचाएगा, इसीलिए उन्हें दिल्ली आने का फैसला लेना पड़ा। वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन का दावा है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना उनकी सबसे पहली जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम मौजूद हैं। सीमा पर भारी पुलिस तैनाती की वजह से माहौल में तनाव है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। याद दिला दें कि इससे पहले हुए किसान आंदोलन के दौरान भी खनौरी सीमा पूरे 13 महीने तक बंद रही थी।

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