रेंजर बनने का सपना अधूरा रहा, पेंशन लाभ से भी वंचित; वन कर्मचारी मंच ने CM से तत्काल सूची जारी करने की मांग की
भोपाल। वन विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी का खामियाजा दर्जनों डिप्टी रेंजरों को भुगतना पड़ा। विभाग समय पर डिप्टी रेंजर से रेंजर पदोन्नति सूची जारी नहीं कर सका, जिसके चलते कई अधिकारी 31 जुलाई को रेंजर बने बिना ही सेवानिवृत्त हो गए। यदि समय रहते पदोन्नति आदेश जारी हो जाते तो उन्हें उच्च पद का सम्मान मिलने के साथ-साथ पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में भी आर्थिक फायदा मिलता।
मध्यप्रदेश वन कर्मचारी मंच ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग की है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि राज्य सरकार ने लगभग एक माह पहले पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन वन विभाग अब तक अंतिम सूची जारी नहीं कर पाया है।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 को भी वन विभाग मुख्यालय ने रेंजरों की वर्तमान पदस्थापना की जानकारी मांगी थी, जिससे स्पष्ट है कि पदोन्नति प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। विभागीय देरी का सबसे बड़ा नुकसान उन डिप्टी रेंजरों को हुआ, जो वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे और रेंजर बनने का अवसर मिले बिना ही सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।
वन कर्मचारी मंच ने सरकार से मांग की है कि शेष पात्र अधिकारियों के हितों को देखते हुए पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि भविष्य में किसी कर्मचारी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।