19 पेड़ों की कटाई को सशर्त मंजूरी, बदले में 190 पौधे लगाने का दावा; पर्यावरणविदों का सवाल- क्या पुराने पेड़ों की भरपाई संभव है?
धार। जंगल और पेड़ों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाला वन विभाग अब अपने नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 19 पेड़ों की कटाई की तैयारी में है। नगर पालिका परिषद ने सशर्त अनुमति की प्रक्रिया दे दी गई । लेकिन इस निर्णय ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नए वनमंडल कार्यालय भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
मगर सालों पुराने पेड़ो को काटकर नया कार्यालय तो बन जाएगा मगर वर्षों पुराने पेड़ कहा से लाओगे वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भवन दो मंजिला बनाया जाएगा जिसकी डिजाइन इंजिनियर द्वारा बनाई गई हैं।
भवन निर्माण क्षेत्र में बाधक बन रहे 19 पेड़ों की कटाई के लिए नगर पालिका परिषद ने सशर्त अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं विभाग के जिम्मेदार कह रहे हैं की इतने पेड़ नहीं काटे जायेंगे।
19 पेड़ो को काटने के बदले 190 पौधे लगेंगे
पत्र में वन विभाग का कहना है कि कटने वाले 19 पेड़ों के बदले मांडव रोड स्थित रेशम केंद्र परिसर में 190 नए पौधे लगाए जाएंगे। वहीं पर्यावरण से जुड़े भूपेंद्र चौहान का मानना है कि वर्षों पुराने विकसित पेड़ों की भरपाई केवल पौधे लगाकर तुरंत नहीं की जा सकती। सवाल यह भी उठ रहा है कि
प्रस्तावित भवन का नक्शा इस तरह क्यों नहीं बनाया गया,जिससे पेड़ों को बचाया जा सके। नगर पालिका ने प्रति पेड़ 500 रुपए की दर से कुल 9,500 रुपए जमा कराने की शर्त पर अनुमति दी गई है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्षतिपूरक वृक्षारोपण सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगा या 190 पौधों जो लगाए जाने हैं उनकी निगरानी और संरक्षण भी सुनिश्चित करेगा।
नए भवन की हद में आने वाले पेड़ हटेंगे
वन परिक्षेत्राधिकारी, धार ने 29 जून को नगर पालिका को भेजे पत्र में बताया था कि प्रस्तावित वनमंडल कार्यालय के निर्माण स्थल पर 19 पेड़ मौजूद हैं,जिन्हें हटाना आवश्यक है। इसके बदले पर्यावरण संरक्षण के तहत मांडव रोड स्थित रेशम केंद्र परिसर में 190 पौधे लगाए जाएंगे। यानी जितने पेड़ काटे जाएंगे,उनसे 10 गुना अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। नगर पालिका परिषद ने 7 जुलाई को जारी आदेश में मध्यप्रदेश वृक्षों का परिक्षण(नगरीय क्षेत्र) अधिनियम-2002 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद ही पेड़ों की कटाई की अंतिम अनुमति जारी कर दी गई है।
इस संबंध में वनमंडलाधिकारी और उप वनमंडलाधिकारी को भी सूचना भेज दी गई है।
पेड़ भी ना कटे ओर बन जाए भवन
इन दिनों शहर में आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ हे ऐसा कितना बड़ा भवन बन रहा हें जो सालों पुराने पेड़ो की बलि चढ़ाने पर जिम्मेदार आतुर हो रहे हैं। अगर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी समझे ओर पेड़ भी ना कटे ओर भवन भी बन जाए ऐसा उपाय भी कर सकते हैं। और थोड़ी नक़्शे की डिजाइन भी परिवर्तन कर सकते मगर ठेकेदार के आगे विभाग भी कमजोर साबित हो रहा है। शहर के पर्यावरण प्रेमी का कहना है शहर में एक यह जगह बची थी जहां एक साथ इतने हरे भरे पेड़ नजर आते है। वैज्ञानिक दृष्टि की बात करे तो एक सामान्य और परिपक्व पेड़ हर दिन लगभग 10,000 से 20,000 लीटर (या लगभग 1 से 1.2 किलो) ऑक्सीजन पैदा करता है यह मात्रा औसतन 2 से 4 लोगों के दैनिक ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होती हैं पेड़ों द्वारा ऑक्सीजन उत्पादन का यह गणित उनकी प्रजाति,उम्र, आकार और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।