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धार

रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं,दिनभर बांध सकेंगी बहनें राखी  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं,दिनभर बांध सकेंगी बहनें राखी

 

28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर पर्व का उल्लास, मंदिरों में विशेष पूजा-भोग; बाजार में राखी और उपहारों की खरीदारी बढ़ी

धार। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस बार खास संयोगों के बीच मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। ऐसे में बहनें सूर्योदय से लेकर दिनभर अपनी सुविधा के अनुसार भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी। घरों में पूजा-अर्चना, राखी बांधने और मिठाई खिलाने के साथ पर्व का उत्साह नजर आएगा। धार्मिक स्थलों पर भी विशेष पूजा-अर्चना और भोग के आयोजन होंगे।

    मालवा के ज्योतिष गुरु डॉ. अशोक शास्त्री के अनुसार श्रावण पूर्णिमा इस बार विशेष धार्मिक संयोग लेकर आ रही है। उनके मुताबिक रक्षाबंधन के साथ अन्य धार्मिक पर्व और विशेष ग्रह योग भी बन रहे हैं। हालांकि इस दिन होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका ग्रहण संबंधी कोई प्रभाव या सूतक मान्य नहीं होगा।

   27 अगस्त की रात खत्म हो जाएगी भद्रा

पं. शास्त्री ने बताया कि इस बार भद्रा 27 अगस्त को सुबह 9.09 बजे से रात 9.25 बजे तक रहेगी। इसके बाद भद्रा समाप्त हो जाएगी। इसलिए 28 अगस्त को सूर्योदय के साथ ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा। बहनें दिन में शुभ समय देखकर भाइयों को राखी बांध सकेंगी और शाम के प्रदोष काल में भी रक्षासूत्र बांधने की परंपरा निभाई जा सकेगी।

     शुभ मुहूर्त में ऐसे बांधें राखी

- प्रातःकाल: 6.23 से 9.48 बजे तक

- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12.14 से 1.05 बजे तक

- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6.57 से 7.19 बजे तक

- लाभ चौघड़िया: सुबह 7.57 से 9.31 बजे तक

- अमृत: सुबह 9.31 से 11.05 बजे तक

- शुभ: दोपहर 12.40 से 2.14 बजे तक

- चर: शाम 5.22 से 6.57 बजे तक

- लाभ: रात 9.48 से 11.14 बजे तक

राहुकाल: सुबह 11.05 से दोपहर 12.40 बजे तक रहेगा। इसलिए इस अवधि को छोड़कर राखी बांधने की सलाह दी गई है।

      बाजार में राखियों की रंगत

रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों के साथ मिठाई, कपड़े और उपहारों की खरीदारी के लिए लोग पहुंच रहे हैं। बहनें भाइयों की पसंद की राखियां चुन रही हैं, वहीं भाई भी बहनों के लिए उपहार खरीदने में जुटे हैं। भद्रा का व्यवधान नहीं होने से इस बार परिवारों में पूरे दिन पर्व का उत्साह बना रहने की उम्मीद है।

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