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इंदौर

रक्षाबंधन से पहले पुलिस का तोहफा, 51 लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
रक्षाबंधन से पहले पुलिस का तोहफा, 51 लोगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

सीईआईआर पोर्टल से करीब 10 लाख रुपए के गुम-चोरी मोबाइल बरामद; एमपी के साथ राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश से भी ट्रेस किए

    इंदौर। रक्षाबंधन से पहले जोन-1 पुलिस ने 51 लोगों को खुशियों का तोहफा दिया है। लंबे समय से गुम या चोरी हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस ने सीईआईआर (संचार साथी पोर्टल) की तकनीकी मदद से 51 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए है। बरामद मोबाइल में आईफोन, वनप्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो और रियलमी सहित कई कंपनियों के फोन शामिल हैं।

     पुलिस उपायुक्त जोन-1 नरेंद्र रावत के निर्देशन में वर्ष 2026 के दौरान सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को लेकर कार्रवाई की गई। तकनीकी जानकारी के आधार पर गुम और चोरी हुए मोबाइलों को ट्रेस किया गया। इसके बाद जोन-1 साइबर सेल और संबंधित थानों की साइबर टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर मोबाइल बरामद किए।

      पुलिस के मुताबिक मोबाइल केवल इंदौर या मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं थे। तकनीकी जांच के जरिए इन्हें मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश से भी ट्रेस किया गया। बरामदगी के बाद मोबाइल संबंधित आवेदकों को सौंपे गए। रक्षाबंधन से पहले मोबाइल वापस मिलने से परिवारों में खुशी का माहौल रहा।

     तकनीक बनी पुलिस की ताकत

सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम या चोरी हुए मोबाइल के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकता है। पुलिस टीमों ने इसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग राज्यों में सक्रिय मोबाइलों की जानकारी जुटाई और उन्हें बरामद किया।

पुलिस के अनुसार सीईआईआर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ रही है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ सीईआईआर पोर्टल पर आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर शिकायत करना चाहिए। शिकायत के बाद मिलने वाली 18 अंकों की रिक्वेस्ट आईडी से उसकी स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।जोन-1 साइबर सेल और थानों की साइबर टीमों की इस कार्रवाई ने तकनीक आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता भी सामने रखी है।

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