महेश्वर।महेश्वर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। रविवार शाम इंदौर से परिवार के साथ घूमने आए 30 वर्षीय अर्पित हाड़ा नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना उस समय हुई जब वह नदी में स्नान करते हुए रील बना रहे थे। देर रात तक चले तलाश अभियान के बाद भी उनका पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
पुलिस के अनुसार अर्पित हाड़ा निवासी निपानिया (इंदौर) पत्नी,तीन वर्षीय बेटे,छोटे भाई और भाभी के साथ महेश्वर घूमने आए थे। शाम को सभी सहस्त्रधारा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अर्पित नदी के बीच चट्टानों की ओर चले गए और मोबाइल से रील बनाने के दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही क्षणों में वे गहरे पानी में बह गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
बारिश में बंद करने की तैयारी
बताया जा रहा है कि सहस्त्रधारा में पहले से चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स लगाए गए हैं,लेकिन पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए वर्षा ऋतु में सहस्त्रधारा को पर्यटकों के लिए अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही स्थायी गोताखोरों की तैनाती और अतिरिक्त पुलिस बल की मांग वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान नर्मदा का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और चट्टानों पर फिसलन होने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके बावजूद लोग सेल्फी और रील बनाने के लिए जोखिम उठाते हैं।
दो साल में कई हादसे, सुरक्षा पर उठते रहे सवाल
स्थानीय लोगों और पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सहस्त्रधारा में डूबने और बहने की एक दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई पर्यटकों की मौत हुई है। केवल पिछले तीन महीनों में ही यह चौथी बड़ी घटना बताई जा रही है। अधिकांश मामलों में पर्यटक चेतावनी की अनदेखी कर तेज बहाव वाले प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गए थे। लगातार हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की लापरवाही दोनों ही चिंता का विषय बने हुए हैं।
सावधानी
सहस्त्रधारा जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के मौसम में नदी के बीच चट्टानों पर न जाएं।
तेज बहाव वाले क्षेत्र में स्नान या रील बनाने का प्रयास न करें।
चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स का पालन करें।
बच्चों को नदी किनारे अकेला न छोड़ें।
प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
जलस्तर बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।