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रिमझिम बारिश से खेतों में लौटी रौनक, कीटनाशक छिड़काव और खरपतवार नियंत्रण में जुटे किसान  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
रिमझिम बारिश से खेतों में लौटी रौनक, कीटनाशक छिड़काव और खरपतवार नियंत्रण में जुटे किसान

 

दो सप्ताह बाद हुई बारिश से मिली राहत, कृषि विभाग ने सोयाबीन फसल की नियमित निगरानी और समय पर दवा छिड़काव की दी सलाह

धार। दो सप्ताह तक बारिश नहीं होने से चिंतित किसानों के चेहरों पर आखिरकार रिमझिम बारिश ने मुस्कान लौटा दी। बारिश के बाद जिले में किसानों ने एक बार फिर खेतों का रुख कर लिया है। कहीं खरपतवार नियंत्रण के लिए डोरे चलाए जा रहे हैं तो कहीं सोयाबीन सहित खरीफ फसलों को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू हो गया है। बारिश और धूप के संतुलन से फसलों की बढ़वार भी तेज होने लगी है।

बारिश की लंबी खिंच के कारण खेती-बाड़ी का काम प्रभावित हो गया था। खेतों में खरपतवार तेजी से बढ़ने लगे थे और पर्याप्त नमी नहीं होने से कई किसान खरपतवारनाशक दवाओं का प्रभावी उपयोग नहीं कर सके। अब बारिश होने के बाद किसान फसलों की देखरेख और कीट नियंत्रण में जुट गए हैं।

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि 15 से 20 दिन की सोयाबीन फसल में खरपतवार का समय पर नियंत्रण करें। प्रारंभिक 30 से 45 दिनों के दौरान खरपतवार और कीटों का प्रकोप अधिक रहता है, इसलिए नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार दवा का छिड़काव करना जरूरी है।

सकतली के किसान देवीलाल यादव ने बताया कि बारिश की कमी के कारण पहले खरपतवार नियंत्रण में दिक्कत आई, लेकिन अब खेतों में दोबारा दवा छिड़काव शुरू किया जाएगा। वहीं अनारद के किसान विजय गोस्वामी का कहना है कि पर्याप्त बारिश का इंतजार था, अब मौसम अनुकूल होने से किसान पूरी तरह फसलों की देखभाल में जुट गए हैं।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बारिश से फसलों को राहत मिली है, लेकिन सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बेहतर बढ़वार और अच्छी पैदावार के लिए आने वाले दिनों में नियमित और पर्याप्त वर्षा होना अभी भी आवश्यक है।

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