विशिष्टजनों के लिए अलग कॉरिडोर, आपातकालीन चिकित्सा रूट के साथ ई-कार्ट और व्हीलचेयर की भी होगी सुविधा; नर्मदा में नालों का गंदा पानी रोकने के निर्देश
इंदौर। सिंहस्थ-2028 को लेकर ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक लेकर सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण और व्यवस्थाएं सिंहस्थ के सबसे व्यस्त समय में संभावित श्रद्धालु संख्या और दर्शन क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं।
संभागायुक्त ने प्रमुख मार्गों पर होल्डिंग एरिया विकसित करने, विशिष्टजनों के लिए अलग कॉरिडोर और आपातकालीन चिकित्सा रूट तैयार करने के निर्देश दिए। पार्किंग क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग प्वाइंट, ई-कार्ट और व्हीलचेयर की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में निर्धारित दूरी पर पेयजल और अस्थायी शौचालय उपलब्ध कराने के साथ घाटों पर सुरक्षित स्नान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सिंहस्थ से जुड़े निर्माण कार्यों के टेंडर, बजट और मौजूदा प्रगति की समीक्षा की गई। संभागायुक्त ने कहा कि ओंकारेश्वर नगर के नालों का प्रदूषित पानी किसी भी स्थिति में नर्मदा में नहीं मिलना चाहिए। नर्मदा तट पर निर्माणाधीन नए घाटों का काम भी तय समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। बैठक से पहले संभागायुक्त ने विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ममलेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उन्हें और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
सिंहस्थ से पहले 4 बड़े फोकस
- व्यस्त समय की दर्शन क्षमता के अनुसार होल्डिंग एरिया
- आपात स्थिति के लिए अलग मेडिकल रूट
- पार्किंग में ई-कार्ट, व्हीलचेयर और ईवी चार्जिंग
- नालों का गंदा पानी नर्मदा में जाने से रोकना