साहित्यिक आयोजनों और साहित्यकारों के सहयोग के उद्देश्य से कंप्यूटर इंजीनियर और साहित्य-प्रेमी नीरज जैन ने 'डब्ल्यूबीएस फाउंडेशन' की स्थापना की। संस्था का मुख्य ध्येय भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में नैतिक मूल्यों के साथ योगदान देना है।
विख्यात शायर प्रो वसीम बरेलवी के व्यक्तित्व और रचनाकर्म पर आधारित 520 पृष्ठों का वृहद् ग्रंथ 'वसीम बरेलवी : जहाँ रहेगा रोशनी लुटाएगा' डब्ल्यूबीएस फाउंडेशन के तत्वावधान में प्रकाशित हुआ। इसमें देश के शीर्ष साहित्यकारों की 58 रचनाएँ संकलित हैं। 15 जनवरी 2023 को हुई एक कार दुर्घटना के बाद नीरज जैन द्वारा की गई निष्काम सेवा से अभिभूत होकर वसीम बरेलवी ने उन्हें अपनी 'चौथी संतान' की संज्ञा दी है।
कला-संस्कृति के मर्मज्ञ राजेंद्र शर्मा के माध्यम से जब नीरज जैन को ज्ञात हुआ कि प्रकाशन विभाग ने 97 वर्षीय वरिष्ठ कथाकार बल्लभ डोभाल को कागजों में मृत मानकर उनकी रायल्टी रोक दी है, तो वे गहराई से व्यथित हुए। इस संवेदनहीनता के बीच नीरज जैन ने डोभाल जी के आवास पहुँचकर न केवल उन्हें तात्कालिक आर्थिक सहायता और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई, बल्कि नियमित रूप से हर माह उनकी देखभाल और वित्तीय मदद का दायित्व भी संभाला।
मुजफ्फरनगर (उप्र) के कुरालसी गाँव में जन्मे नीरज जैन ने आईआईटी रुड़की और बिट्स पिलानी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में परिवहन प्रोजेक्टों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले नीरज जैन जीवन दर्शन और परोपकार की भावना से गहराई से जुड़े हैं।
हाल ही में दिल्ली में 'एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स एंड लिटरेचर' के मासिक कार्यक्रम 'डायलॉग' को डब्ल्यूबीएस फाउंडेशन का रचनात्मक सहयोग मिला। इस आयोजन में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की धर्मपत्नी गुरुशरण कौर की उपस्थिति में पद्मश्री अजीत कौर और प्रसिद्ध चित्रकार अर्पणा कौर को सम्मानित किया गया।
सृजन, सेवा और संवेदना के जरिए साहित्यकारों और समाज के कल्याण में जुटे डब्ल्यूबीएस फाउंडेशन के महासचिव नीरज जैन के प्रयास निस्संदेह अनुकरणीय हैं।