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उज्जैन

स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में सड़कों पर उतरीं छात्राएं, कलेक्ट्रेट घेरा; रोते हुए बोलीं- हमारा स्कूल यहीं रहने दें  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में सड़कों पर उतरीं छात्राएं, कलेक्ट्रेट घेरा; रोते हुए बोलीं- हमारा स्कूल यहीं रहने दें

 

उज्जैन में जेन-जी और जेन-अल्फा का प्रदर्शन: 200 से ज्यादा छात्राएं 4 घंटे धरने पर बैठीं, लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन

     उज्जैन। स्कूल को शहर से दूर शिफ्ट किए जाने के विरोध में बुधवार को उज्जैन में स्कूली छात्राओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। शासकीय सराफा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को दाऊदखेड़ी स्थित नए स्कूल भवन में शिफ्ट करने की आशंका के विरोध में 200 से अधिक छात्राएं कोठी पैलेस स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने परिसर के बाहर धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कई छात्राएं भावुक होकर रोने लगीं।

      महाकाल मंदिर और चारधाम मंदिर क्षेत्र में संचालित करीब आधा दर्जन शासकीय विद्यालयों को दाऊदखेड़ी में बनाए गए नए शासकीय विद्यालय में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से कई स्कूलों को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है। अब शासकीय सराफा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के स्थानांतरण को लेकर छात्राओं में नाराजगी है।

   छात्राओं का कहना है कि मौजूदा स्कूल उनके घरों और शहर के प्रमुख क्षेत्रों के नजदीक है, जबकि दाऊदखेड़ी जाने में उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। छात्राओं ने स्कूल शिफ्ट नहीं करने की मांग को लेकर पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दिए थे। मांग पूरी नहीं होने पर वे लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं।

चार घंटे तक नहीं पहुंचे अधिकारी, रो पड़ीं छात्राएं

  करीब चार घंटे तक छात्राएं धरने पर बैठी रहीं। इस दौरान किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से छात्राओं का आक्रोश और बढ़ गया। कई छात्राएं अपनी मांगों को लेकर रोती नजर आईं। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा की।

  छात्राओं ने मौखिक आश्वासन मानने से इनकार करते हुए लिखित में भरोसा मांगा। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र देकर स्पष्ट किया कि फिलहाल विद्यालय शिफ्ट नहीं किया जाएगा। उच्च अधिकारियों के साथ अभिभावकों की बैठक आयोजित की जाएगी और उसके बाद स्कूल के स्थानांतरण को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

  लिखित आश्वासन मिलने के बाद करीब चार घंटे चला धरना समाप्त हुआ। छात्राओं के समर्थन में कांग्रेस विधायक महेश परमार और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से छात्राओं की मांग पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

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