राजगढ़ जनपद पंचायत कार्यालय में रंगे हाथों ट्रैप, 5% कमीशन की मांग की थी; भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
राजगढ़। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। राजगढ़ जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह रही कि आरोपी पंचायत सचिव ने किसी ठेकेदार या आम व्यक्ति से नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत के सरपंच से ही बिल भुगतान के बदले रिश्वत की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लाख्या के सरपंच ने लोकायुक्त से शिकायत की थी कि पंचायत सचिव विकास कार्यों के बिलों का भुगतान करने के एवज में 5 प्रतिशत कमीशन मांग रहा है। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और जनपद पंचायत कार्यालय राजगढ़ में पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि शिकायत सही पाए जाने के बाद पूरी योजना के तहत ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी रिश्वत की रकम लेते ही पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई।
प्रदेश में हाल के दिनों में रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों में रिश्वत मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। राजगढ़ की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने पर लोकायुक्त तत्काल कार्रवाई कर रही है।