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इंदौर

सीसीटीवी बंद कर कार चोरी का खेल, अंतरराज्यीय गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
सीसीटीवी बंद कर कार चोरी का खेल, अंतरराज्यीय गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार

 

वारदात से पहले बिजली सप्लाई करते थे बंद; 500 से ज्यादा कैमरों की फुटेज खंगालकर पुलिस ने दबोचा, 15 लाख की दो कारें बरामद

     इंदौर। शहर में कार चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का राजेंद्र नगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की दो कारें बरामद की हैं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए है। आरोपियों के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मैग्नेट, कटर सहित कार चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य औजार भी मिले हैं।

    पुलिस के मुताबिक गिरोह ने चोरी का तरीका भी बेहद शातिराना बना रखा था। आरोपी वारदात से पहले संबंधित इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर देते थे, जिससे सीसीटीवी कैमरे बंद हो जाएं और चोरी की गतिविधियां कैमरों में रिकॉर्ड न हो सकें। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चोरी की कार को ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। गिरोह में शामिल महिला आरोपी रेकी करने में मदद करती थी।

     जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 29 जुलाई से 5 अगस्त के बीच राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में कार चोरी की तीन वारदातें सामने आई थीं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।

      इसी दौरान पीथमपुर रोड क्षेत्र में एक कार लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने करीब 36 घंटे तक कार पर निगरानी रखी। इसी दौरान तीन युवक और एक महिला वहां पहुंचे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कार चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।

      गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान, मोहम्मद तौफीक, प्रकाश साले और राजेश शुक्ला के रूप में हुई है। इनके संबंध उत्तर प्रदेश और मुंबई से बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि चोरी की कारें कहां खपाई जाती थीं और गिरोह में इनके अलावा और कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को अन्य राज्यों में हुई कार चोरी की घटनाओं से भी इनके तार जुड़े होने की आशंका है।

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