← वापस
महाराष्ट्र

तुकाराम मुंडे ने क्या पब्लिसिटी के लिए शाहरुख़, अजय और टाइगर को उलझाया, मुंडे ने इन आरोपों पर सफाई दी!  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
तुकाराम मुंडे ने क्या पब्लिसिटी के लिए शाहरुख़, अजय और टाइगर को उलझाया, मुंडे ने इन आरोपों पर सफाई दी!

 

मुंबई। ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। चर्चित सितारों के खिलाफ कार्रवाई के बाद एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे पब्लिसिटी के लिए बड़े नामों को निशाना बनाने के आरोप लगे। अब मुंढे ने इन आरोपों पर सफाई दी है।

    महाराष्ट्र एफडीए ने हाल में तीनों अभिनेताओं को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर नोटिस भेजा था। विभाग को आशंका है कि यह विज्ञापन प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ के छद्म विज्ञापन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। मुंडे ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि नोटिस किसी व्यक्ति विशेष की मर्जी से नहीं, बल्कि मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत जारी किए गए हैं।

    विज्ञापन और दावे संबंधी नियम स्पष्ट

     प्रखर गुप्ता के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में मुंडे ने कहा कि छद्म विज्ञापन को लेकर 2018 के विज्ञापन और दावे संबंधी नियम स्पष्ट हैं। इनके तहत विज्ञापन देने वाले, निर्माता, विक्रेता और प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी की भी जिम्मेदारी तय होती है। उनका कहना था कि किसी उत्पाद का प्रचार करते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह खाद्य सुरक्षा और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप हो।

    मुंडे ने कहा कि नियम मैंने नहीं बनाया है। उनके मुताबिक खाद्य क्षेत्र से जुड़े ये नियम 2018 में बनाए गए थे और 2019 से लागू हैं। इसलिए FDA की कार्रवाई को उनकी व्यक्तिगत पहल या पब्लिसिटी से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस उत्पाद के छद्म प्रचार का आरोप है, वह महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है। किसी दूसरे राज्य में उसका निर्माण होने से यह अधिकार नहीं मिल जाता कि उसका प्रचार महाराष्ट्र में भी किया जाए। मुंडे के अनुसार कई पान मसाला कंपनियां इलायची या दूसरे उत्पादों के नाम पर छद्म विज्ञापन करती हैं और उनके प्रचार के लिए लोकप्रिय फिल्मी सितारों को जोड़ा जाता है।

      सितारों की भी जिम्मेदारी

    सेलिब्रिटी को छद्म विज्ञापन के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के सवाल पर मुंडे ने कहा कि किसी उत्पाद का समर्थन करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी बनती है। एंडोर्सर को यह देखना चाहिए कि जिस चीज का वह प्रचार कर रहा है, वह खाद्य सुरक्षा नियमों और संबंधित प्रावधानों का पालन करती है या नहीं। उन्होंने कहा कि नियमों में उल्लंघन की स्थिति में 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संबंधित विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए जा सकते हैं और नियमों का पालन नहीं होने पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

   मुंडे ने यह भी कहा कि एफडीए केवल फिल्मी सितारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा, बल्कि निर्माताओं और विक्रेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उनका कहना है कि कानून विज्ञापनदाता और प्रचार करने वाले दोनों की जिम्मेदारी तय करता है। ऐसे में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस भेजने का आधार केवल उनकी लोकप्रियता नहीं, बल्कि विज्ञापन से जुड़े नियम हैं।

खबरें और भी हैं...