इंदौर। राजनगर की एक शांत रात उस समय खौफनाक मंजर में बदल गई, जब 50 वर्षीय कमल कुमावत अपने ही घर में लहूलुहान मिले। सुबह होते ही घर में चीख-पुकार मच गई। सबसे ज्यादा विलाप करने वाला उनका 19 वर्षीय भतीजा चेतन कुमावत था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस युवक की आंखों में आंसू दिखाई दे रहे हैं, उन्हीं हाथों ने कुछ घंटे पहले अपने सगे ताऊ की जान ले ली थी।
घटना की सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना प्रभारी तिलक कारोले अपनी टीम, डॉग स्क्वॉड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, एफएसएल और साइबर सेल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में पुलिस को मामला रहस्यमय लगा। घर में जबरन प्रवेश के स्पष्ट संकेत नहीं मिले, लेकिन दीवारों पर खून के निशान और बिखरा सामान कई सवाल खड़े कर रहे थे। जांच आगे बढ़ी तो शक घर के भीतर ही सिमट गया।
परिजनों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान चेतन के बयान बार-बार बदलने लगे। पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर उससे गहन पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि वह ब्राउन शुगर की लत का आदी है। नशे के लिए उसने ताऊ से रुपए मांगे थे, लेकिन मना करने पर उसके मन में बदले की भावना घर कर गई।
आरोप है कि रात करीब ढाई बजे उसने रसोई से चाकू उठाया और सो रहे ताऊ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हत्या के बाद अलमारी से नकदी तलाशने की कोशिश की, लेकिन रुपए नहीं मिले। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने खून से दीवार पर निशान बनाए, पड़ोसी की ओर जाने का झूठा सुराग तैयार किया और खून से सने कपड़े रोशनदान से बाहर फेंक दिए।
सुबह वह सामान्य दिनचर्या का दिखावा करते हुए घर से निकला और कुछ देर बाद लौटकर खुद ही शोर मचाकर लोगों को बुलाने लगा। घायल कमल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, आरोपी के कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर चेतन को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार पारिवारिक मनमुटाव और नशे की लत इस सनसनीखेज हत्याकांड की प्रमुख वजह मानी जा रही है। मामले की जांच जारी है।