← वापस
इंदौर

दो महीने में उखड़ी सड़क, 62 लाख की सड़क का भी उखड़ा सरफेस: निगम सख्त, ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
दो महीने में उखड़ी सड़क, 62 लाख की सड़क का भी उखड़ा सरफेस: निगम सख्त, ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

 

इंदौर। शहर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मंगलवार को नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां सामने आने पर संबंधित ठेकेदारों को फटकार लगाई गई और मोबाइल टेस्टिंग लैब से सैंपल लेकर जांच के निर्देश दिए गए।

सबसे पहले राठौर ने गीता भवन स्थित रतलाम कोठी कॉलोनी में करीब ₹62 लाख की लागत से बनी सड़क का निरीक्षण किया। यहां सड़क का ऊपरी हिस्सा जगह-जगह से उखड़ता मिला। स्थानीय रहवासियों और पार्षद पंखुड़ी डोशी ने भी घटिया निर्माण की शिकायत की। मौके पर मोबाइल टेस्टिंग लैब बुलाकर सड़क के नमूने जांच के लिए भेजे गए। संबंधित ठेकेदार को तत्काल गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क का पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद जनकार्य प्रभारी स्कीम नंबर-54, ईएच सेक्टर पहुंचे, जहां करीब ₹15 लाख की लागत से बनी सड़क महज दो महीने में ही उखड़ने लगी थी। यहां भी मोबाइल टेस्टिंग लैब से सैंपल लिए गए और निर्माण एजेंसी के.पी. कंस्ट्रक्शन को दोबारा सड़क बनाने के निर्देश दिए गए।

राजेंद्र राठौर ने कहा कि जांच में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर संबंधित ठेकेदारों के भुगतान पर रोक,अमानत राशि जब्त करने, ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इंदौर में घटिया सड़क,डिवाइडर या उद्यान निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित निरीक्षण जारी रहेगा और गुणवत्ता से समझौता करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खबरें और भी हैं...