दमोह। जनसुनवाई में मंगलवार को सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का मार्मिक दृश्य सामने आया। गैसाबाद थाना क्षेत्र के मुहरई निवासी दिव्यांग विश्वनाथ आदिवासी को परिजन गोद में उठाकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब दो साल से व्हीलचेयर और पेंशन के लिए परेशान विश्वनाथ की स्थिति देख जनसुनवाई में मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर चला गया। मामला कलेक्टर तक पहुंचा तो उन्होंने तत्काल उनकी समस्या सुनी और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
विश्वनाथ ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले छत से गिरने से पैर में गंभीर चोट आई थी। हादसे के बाद वे काम करने में असमर्थ हो गए। इसके बाद से व्हीलचेयर और दिव्यांग पेंशन के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन मदद नहीं मिल सकी। मंगलवार को परिजनों के साथ ऑटो से दमोह पहुंचे। ऑटो कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर नहीं जा सका तो परिजनों ने उन्हें गोद में उठाकर कार्यालय तक पहुंचाया।
कलेक्टर ने डॉक्टर को दिया तत्काल प्रमाण पत्र बनाने का निर्देश
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने विश्वनाथ से मुलाकात की। उन्होंने जनसुनवाई में मौजूद डॉक्टर एक्शन अल्बर्ट को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पात्रता के अनुसार पेंशन का लाभ मिल सके। सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
230 से ज्यादा आवेदनों पर सुनवाई
जनसुनवाई में कलेक्टर ने 230 से अधिक आवेदनों पर सुनवाई की। इनमें राजस्व और बिजली से जुड़े मामले बड़ी संख्या में रहे। विश्वनाथ का गोद में कलेक्ट्रेट पहुंचना सरकारी योजनाओं की पहुंच और दिव्यांगजनों की सुविधाओं को लेकर सवाल भी छोड़ गया। हालांकि कलेक्टर के तत्काल हस्तक्षेप से परिवार को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।