नालछा से कुक्षी तक आठ ब्लॉकों का औचक निरीक्षण, पशुपालकों से लिया फीडबैक; वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने की दी सलाह
धार। जिले में चल रहे दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तृतीय चरण के तहत पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया ने सोमवार को नालछा, बागड़ी, मांडव, धरमपुरी, बाकानेर, सिंघाना, मनावर और कुक्षी सहित आठ ब्लॉकों का औचक भ्रमण कर अभियान की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों से सीधा संवाद किया, अभियान के क्रियान्वयन का सत्यापन किया और इसकी उपयोगिता को लेकर फीडबैक लिया।
भ्रमण के दौरान डॉ. सिसोदिया ने बागड़ी के मोहन घीसालाल और कमल मांगीलाल, कुक्षी के आकाश गुलाब बरफा तथा धरमपुरी के ग्राम अकेला बुजुर्ग के प्रताप अभय सिंह से मुलाकात की। पशुपालकों ने बताया कि विभागीय दल द्वारा उन्हें अभियान की पूरी जानकारी दी गई है और इससे पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने अभियान को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
उपसंचालक ने पशुपालकों को वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि सूखा व हरा चारा, साइलेज, दाना मिश्रण, मिनरल मिक्सचर और नमक का संतुलित उपयोग करने से दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि संतुलित पोषण अपनाने पर दूध उत्पादन लगभग दोगुना तक बढ़ाया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने पशुओं को गलघोंटू, लंगड़ा बुखार, लम्पी स्किन रोग, खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) और ब्रूसेलोसिस जैसी बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने तथा नस्ल सुधार और उत्पादन बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
भ्रमण के अंत में डॉ. सिसोदिया ने मैदानी अधिकारियों को अभियान की नियमित निगरानी, प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान जिले में पशुपालकों की आय बढ़ाने, बेहतर पशु स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को नई गति देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।