← वापस
दमोह

दमोह कलेक्टर के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की खुली पोल: एक्सपायर दवाएं मिलीं, 2 कर्मचारी निलंबित  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
दमोह कलेक्टर के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की खुली पोल: एक्सपायर दवाएं मिलीं, 2 कर्मचारी निलंबित

 

दमोह। जिला अस्पताल में मरीजों की सेहत और दवा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के औचक निरीक्षण में स्टोर रूम में एक्सपायर दवाएं मिलीं। इसके साथ ही दवा स्टॉक में विसंगतियां, बंद फ्रीजर और लंबे समय से लंबित डिमांड पत्रों का मामला भी सामने आया। कलेक्टर ने अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए।

जांच में सामने आया कि वर्ष 2025 के तीन और वर्ष 2026 के 39 डिमांड पत्र अब तक लंबित हैं। समय पर मांग पूरी नहीं होने से ग्रामीण अस्पतालों में जरूरी दवाओं की उपलब्धता प्रभावित हो रही थी। दवाएं नहीं मिलने पर मरीजों के परिजनों को बाजार से दवाएं खरीदने की मजबूरी सामने आई।

सीएमएचओ कार्यालय में 16 कर्मचारी मिले नदारद

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीएमएचओ कार्यालय भी पहुंचे। यहां 16 अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मामले में सभी का तीन दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

नवजात की मौत पर परिजन ने लगाए गंभीर आरोप

निरीक्षण के दौरान एक मरीज के परिजन ने डिलीवरी के बाद नवजात की मौत को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सिविल सर्जन को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

एक ही निरीक्षण में दवा स्टोर, स्टॉक व्यवस्था, लंबित मांगों और कर्मचारियों की उपस्थिति में खामियां सामने आने से जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि कार्रवाई के बाद अस्पताल की व्यवस्था कितनी सुधरती है और मरीजों को जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध हो पाती हैं या नहीं।

खबरें और भी हैं...