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इंदौर

दूसरे राज्य की टीपी, एमपी की लकड़ी! इंदौर में भोपाल उड़नदस्ते की बड़ी कार्रवाई  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
दूसरे राज्य की टीपी, एमपी की लकड़ी! इंदौर में भोपाल उड़नदस्ते की बड़ी कार्रवाई  

जलाराम टिंबर की दो आरा मशीन सील,लकड़ी से भरे दो वाहन पकड़े; सांवेर में दस्तावेज जांच के बाद सूर्यास्त से कार्रवाई टली

    इंदौर। मध्यप्रदेश की लकड़ी को दूसरे राज्यों की परिवहन अनुज्ञापत्र (टीपी) के जरिए खपाने की शिकायतों के बीच भोपाल के राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने शुक्रवार को इंदौर में बड़ी कार्रवाई की। टीम ने लकड़ी मंडी स्थित जलाराम टिंबर की दो आरा मशीनों को सील कर दिया। मौके से लकड़ी से भरे दो वाहन भी पकड़े गए,जिन्हें वन विभाग कार्यालय पहुंचाया गया। कार्रवाई के दौरान रिकॉर्ड और लकड़ी के परिवहन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए।

     इसके बाद टीम सांवेर पहुंची। यहां सुनील परमार की आरा मशीन के दस्तावेज और लेखा-जोखा जांचा गया। हालांकि सूर्यास्त होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। चर्चा है कि प्रदेश स्तरीय उड़नदस्ते ने इंदौर वन विभाग को पत्राचार कर सांवेर में आगे की कार्रवाई और जांच करने के निर्देश दिए हैं।

    महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना तक की टीपी पर सवाल

चर्चा है कि महाराष्ट्र,गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की परिवहन अनुज्ञापत्र के जरिए मध्यप्रदेश की लकड़ी के परिवहन की आशंका जताई जा रही है एंव इस पूरे रेकेट में कुछ वर्ग विशेष को लोगों का नाम भी सामने आया है। वन विभाग अब पकड़े गए वाहनों में मिली लकड़ी और उनके दस्तावेजों की जांच करेगा। दस्तावेजों में गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा मिलने पर अंतरराज्यीय लकड़ी तस्करी के नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ सकता है।

      एक टीपी पर कई वाहनों की शिकायत

इंदौर की लकड़ी मंडी में लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं कि अलग-अलग राज्यों की टीपी के आधार पर मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से लकड़ी लाई जा रही है। यह भी चर्चा है कि एक ही टीपी पर अलग-अलग वाहनों से लकड़ी परिवहन किया जा रहा है। अब जांच में इन शिकायतों की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।

     रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं मिलने पर सील

उड़नदस्ते की कार्रवाई में आरा मशीनों पर जरूरी रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसी आधार पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी है। हालांकि दस्तावेजों और जब्त लकड़ी की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    कार्रवाई पर भी उठे सवाल

कार्रवाई के बाद लकड़ी मंडी में इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि जब मंडी की अन्य आरा मशीनों पर भी दूसरे राज्यों की टीपी से आई लकड़ी होने की शिकायतें हैं तो कार्रवाई केवल दो मशीनों तक क्यों सीमित रही? क्या अन्य आरा मशीनों के रिकॉर्ड और टीपी की भी जांच होगी?

कुछ लोगों द्वारा कार्रवाई को निजी विवाद से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है,लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वन विभाग के सामने अब बड़ी चुनौती यह है कि वह संदिग्ध टीपी, लकड़ी के स्रोत और आरा मशीनों के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करे।

अब देखना होगा कि भोपाल उड़नदस्ते की कार्रवाई के बाद इंदौर वन विभाग संदिग्ध टीपी और आरा मशीनों पर क्या कदम उठाता है।

   बड़ी कार्रवाई की सूचना लीक होने की चर्चा

चर्चा यह भी है कि भोपाल उड़नदस्ता इंदौर में कई अन्य स्थानों पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में था। आरोप है कि टीम से वन माफियाओं तक कार्रवाई की सूचना पहले ही पहुंच गई,जिसके चलते संबंधित लोग सतर्क हो गए। समय रहते जानकारी मिलने से उड़नदस्ते की प्रस्तावित बड़ी कार्रवाई प्रभावित होने और कई ठिकानों पर कार्रवाई रुकने की चर्चा है?

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