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नई दिल्ली

देशभर में बारिश का कहर, कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे की मार: बिहार में आकाशीय बिजली से 6 मौतें, केरल-कर्नाटक में लैंडस्लाइड से 11 की जान गई  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
देशभर में बारिश का कहर, कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे की मार: बिहार में आकाशीय बिजली से 6 मौतें, केरल-कर्नाटक में लैंडस्लाइड से 11 की जान गई

 

अल नीनो के असर से मध्यप्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून, 43 जिले सामान्य से कम बारिश वाले; जलाशय आधे भी नहीं भरे, जल संकट की आशंका गहराई

       भोपाल/नई दिल्ली। देशभर में मानसून का मिजाज दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर बिहार, केरल, कर्नाटक और राजस्थान में लगातार बारिश आफत बनकर बरस रही है, तो दूसरी ओर मध्यप्रदेश में कमजोर मानसून ने किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बिहार के बांका जिले में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। वहीं केरल में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाओं में 8 लोगों की जान चली गई, जबकि 8 अन्य अब भी लापता हैं। राज्य सरकार ने 209 राहत शिविरों में 5,792 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया है। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में रविवार सुबह हुए भूस्खलन में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।

       राजस्थान के 24 जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। अजमेर सहित कई शहरों की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

      इधर, मध्यप्रदेश में मानसून आधे से अधिक सीजन गुजरने के बावजूद अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पाया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 से 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 43 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है, जबकि 5 जिलों में 10 इंच से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कम बारिश के कारण अधिकांश बड़े बांध आधे भी नहीं भर सके हैं, जिससे आने वाले महीनों में पेयजल और सिंचाई संकट की आशंका बढ़ गई है।

      भारत मौसम विभाग के ताजा मासिक पूर्वानुमान के अनुसार अगस्त में भी मध्यप्रदेश में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून कमजोर बना हुआ है। इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों और ग्रामीण क्षेत्रों की जल उपलब्धता पर साफ दिखाई देने लगा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है, जबकि प्रशासन जल संरक्षण और जल प्रबंधन की तैयारियों में जुट गया है।

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