← वापस
भोपाल

दतिया उपचुनाव में भितरघात पर बवाल: कांग्रेस में आरोपों की जंग, भाजपा भी बागियों की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
दतिया उपचुनाव में भितरघात पर बवाल: कांग्रेस में आरोपों की जंग, भाजपा भी बागियों की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी

मतगणना से पहले सियासी घमासान तेज; कांग्रेस ने भीतरघात का मुद्दा उठाया, भाजपा ने भी क्रॉस वोटिंग पर शुरू की समीक्षा

    भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान संपन्न होने के साथ ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। मतगणना से पहले ही कांग्रेस में भितरघात के आरोप खुलकर सामने आ गए हैं, जबकि भाजपा भी कथित क्रॉस वोटिंग और अंदरूनी असंतोष को लेकर बागी नेताओं की रिपोर्ट तैयार कर रही है। राजनीतिक गलियारों में अब चुनावी नतीजों से पहले ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

     कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर चुनाव में भितरघात का आरोप लगाते हुए पार्टी नेतृत्व से भोपाल से लेकर दिल्ली तक शिकायत की है। उनका कहना है कि चुनाव के अंतिम दिनों में पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कांग्रेस को करीब एक से डेढ़ हजार वोटों का नुकसान हुआ। उन्होंने राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और पार्टी से निष्कासन की मांग भी की है।

     वहीं, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने दावा किया कि दतिया में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन उन्होंने तैयार की थी और मौजूदा उम्मीदवार उसी आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए घनश्याम सिंह ने कहा कि वे किसी की बनाई "पिच" पर नहीं, बल्कि अपने जनाधार और जनता के भरोसे चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने भारती के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार की छवि से पार्टी को नुकसान होने का आरोप लगाया।

     उधर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने उपचुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई स्थानों पर मतदाताओं को मतदान से रोका गया, बूथ कैप्चरिंग जैसी शिकायतें मिलीं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पोलिंग एजेंटों को परेशान किया गया। हालांकि इन आरोपों पर निर्वाचन आयोग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

      इस बीच आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव भी चुनावी समीकरण में अहम चेहरा बनकर उभरे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्होंने दोनों प्रमुख दलों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। अब सबकी नजर मतगणना पर टिकी है, जो तय करेगी कि दतिया का सियासी दांव किसके पक्ष में गया।

खबरें और भी हैं...