इंदौर। शिवभक्ति की राह में उम्र की कोई सीमा नहीं होती। इसकी मिसाल इंदौर के समाजवादी इंदिरा नगर में देखने को मिली,जहां महज 3 साल के काशी राठौर ने कांवड़ उठाकर भगवान शिव को जल चढ़ाने की जिद की। मासूम की इस इच्छा को दादा कटूक राज राठौर और-दादी ने भी पूरा करने का फैसला किया। काशी के होंठों पर ‘बम भोले’ का नाम और कंधे पर नन्ही सी कांवड़ देखकर आसपास के लोग भी उसकी भक्ति देखकर भावुक हो गए।
काशी ने अपने दादा-दादी से कांवड़ लेकर भोलेनाथ को जल चढ़ाने की जिद की थी। पोते की इच्छा पूरी करने के लिए दादा ने दो छोटे तांबे के लोटे खरीदे और उनसे नन्ही कांवड़ तैयार की। इसके बाद काशी को कांवड़ लेकर यात्रा के लिए तैयार किया गया।
घर के समीप स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर तक आसपास की महिलाओं के साथ कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस दौरान काशी नन्हे कदमों से कांवड़ लेकर आगे बढ़ता रहा। उसके साथ चल रही महिलाओं ने भी भक्ति गीत और ‘बम भोले’ के जयकारों से माहौल शिवमय कर दिया।
मंदिर पहुंचने के बाद काशी ने अपनी कांवड़ में लाए जल से नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक किया। इस दौरान परिवार के लोगों ने उसकी भक्ति को देखकर खुशी जताई। काशी की इस छोटी सी कांवड़ यात्रा ने आसपास के लोगों का ध्यान खींचा और नन्हे शिवभक्त की तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनीं।