देलमी संयंत्र में कच्चे माल की कमी से उत्पादन प्रभावित; छह माह से भुगतान अटका, सवा चार करोड़ से ज्यादा बकाया होने का दावा
धार। जिले की 3 हजार से अधिक आंगनवाड़ियों में पोषण आहार व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े करीब 1800 स्वसहायता समूहों को अब टेक होम राशन (टीएचआर) की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। वहीं देलमी स्थित पोषण आहार निर्माण संयंत्र में कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से उत्पादन और सप्लाई व्यवस्था पर संकट गहराया है।
छह माह से भुगतान अटका
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए भोजन-नाश्ता तैयार करने वाले स्वसहायता समूहों का कहना है कि मार्च से भुगतान लंबित है। करीब 1800 समूहों का कुल बकाया सवा चार करोड़ रुपए से अधिक बताया जा रहा है। भुगतान अटकने से गैस, खाद्य सामग्री, ईंधन और श्रमिकों का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
टीएचआर की नई जिम्मेदारी
अब इन्हीं समूहों को टेक होम राशन तैयार कर वितरण की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इसके लिए कच्चा माल, पैकिंग, श्रमिक और परिवहन का खर्च भी जुड़ जाएगा। ऐसे में पुराने भुगतान के बीच नई जिम्मेदारी समूहों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
40 करोड़ के बकाये का भी असर
देलमी संयंत्र की सप्लाई व्यवस्था में करीब 40 करोड़ रुपए के पुराने बकाये की बात सामने आ रही है। भुगतान लंबित होने से सप्लायर नए टेंडर में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसका असर धार सहित संभाग के झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और खंडवा तक पोषण आहार की आपूर्ति पर पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कागजों पर चल रही पोषण व्यवस्था आंगनवाड़ी केंद्रों तक पर्याप्त और समय पर पहुंचती है या नहीं। भुगतान और सप्लाई की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर बच्चों और महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार पर पड़ सकता है।