छोटा उमरिया से बोरी तक सड़क की मांग; बोले- बारिश में एंबुलेंस भी नहीं पहुंचती, गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
धार। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को हुई जनसुनवाई में छोटा उमरिया के ग्रामीण सड़क की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। ग्रामीणों ने छोटा उमरिया से बोरी तक पक्की सड़क बनाने की मांग उठाते हुए कहा कि तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन गांव तक सड़क नहीं पहुंची। बारिश में गांव की स्थिति और बदतर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना था कि बारिश के दौरान कच्चा रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है। ऐसे में गांव तक एंबुलेंस पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। गंभीर मरीजों को मुख्य सड़क तक ले जाने में ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार मरीजों को वाहन के बजाय पैदल या अन्य साधनों से मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर वे कई बार अधिकारियों और जनसुनवाई में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीण मंगलवार को बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंचे और नारेबाजी कर अपनी मांग रखी।
ग्रामीणों के हंगामे के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उनकी समस्या सुनकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनपद सदस्य जीतेन्द्र सिंगारे ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन करते हुए सड़क निर्माण जल्द कराने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से गांव के लोगों को आवागमन के साथ-साथ स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं का भी लाभ मिल सकेगा।