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इंदौर

धार रोड पर नीम की लकड़ी से भरा आयसर जब्त, दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग की कार्रवाई

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
धार रोड पर नीम की लकड़ी से भरा आयसर जब्त, दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग की कार्रवाई

मानपुर क्षेत्र से लकड़ी लाने की बात, वाहन चालक से पूछताछ जारी; 

इंदौर। धार रोड स्थित नूरानी नगर चौराहे पर वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए नीम प्रजाति की गोल लकड़ियों से भरे एक संदिग्ध आयशर वाहन को जब्त किया है। वाहन चालक के पास मौके पर काष्ठ परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर वन विभाग ने वन अपराध (पीओआर) दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

वन विभाग के अनुसार मुखबिर से सूचना मिलने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी इंदौर के निर्देशन में टीम ने वाहन क्रमांक एमपी-09-जीजी-1719 को रोककर जांच की। वाहन में नीम प्रजाति की गोल लकड़ी पाई गई। चालक अनिल, निवासी कजलीवन, तहसील हाटपीपल्या (जिला देवास) ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह लकड़ी मानपुर क्षेत्र से लेकर आ रहा था। मौके पर परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वाहन और लकड़ी को जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया।

कार्रवाई में वनरक्षक आशीष कुशवाह, अमित तोमर और अमन मालवीय शामिल रहे। विभाग का कहना है कि लकड़ी के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन की वैधता की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर अवैध लकड़ी परिवहन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों का दावा है कि जब्त लकड़ी शहर की एक लकड़ी मंडी में उतारी जानी थी तथा रात के समय भी अवैध परिवहन की गतिविधियां संचालित हो रही है। 

वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि संबंधित वाहन पूर्व में भी वन अपराध के एक मामले में पकड़ा जा चुका है। हालांकि इन दावों की वन विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इन्हें जांच का विषय बताया है।

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि जिले में संचालित आरा मशीनों और लकड़ी डिपो की नियमित जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि कहीं बिना वैध अभिलेखों या नियमानुसार आवश्यक चिन्हांकन (हैमर मार्क) के लकड़ी का भंडारण अथवा चिरान किया जा रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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