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उज्जैन में छात्राओं के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, सराफा स्कूल का नहीं होगा स्थानांतरण

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
उज्जैन में छात्राओं के आंदोलन के आगे झुका प्रशासन, सराफा स्कूल का नहीं होगा स्थानांतरण

चार दिन पहले कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर छात्राओं ने जताया था विरोध; सांसद, विधायक और कलेक्टर पहुंचे स्कूल, बोले- नया भवन बना तो आसपास ही होगा

उज्जैन। शासकीय कन्या सराफा विद्यालय के स्थानांतरण के विरोध में छात्राओं का आंदोलन आखिरकार रंग ले आया। चार दिन पहले कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर स्कूल को दूसरी जगह भेजने का विरोध करने वाली छात्राओं के सामने मंगलवार को प्रशासन ने अपना फैसला स्पष्ट कर दिया। सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह स्कूल पहुंचे और छात्राओं के बीच घोषणा की कि सराफा स्कूल को वर्तमान स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। नया भवन बनाने की जरूरत पड़ी तो वह भी स्कूल के आसपास ही बनाया जाएगा।

  प्रशासन ने यह भी बताया कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दो सीएम राइज स्कूल बनाए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी पढ़ाई और स्कूल की पहचान प्रभावित करने वाला कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

14 अगस्त को छात्राओं ने किया था कलेक्टर कार्यालय का घेराव

दरअसल, 14 अगस्त को महाकाल मंदिर के पास स्थित शासकीय कन्या सराफा विद्यालय की छात्राएं बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने स्कूल को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की आशंका को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से निर्णय बदलने की मांग की थी। आंदोलन के दौरान छात्राओं के भावुक वीडियो भी सामने आए थे। इनमें छात्राएं रोते हुए अपना स्कूल बचाने की अपील करती नजर आई थीं। इसके बाद देशभर से छात्राओं के समर्थन में प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

घोषणा के बाद छात्राओं में खुशी

मंगलवार को स्कूल पहुंचे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने छात्राओं ने अपनी बात रखी। अधिकारियों ने उनकी मांगों को सुनने के बाद स्पष्ट किया कि स्कूल को वर्तमान स्थान से हटाया नहीं जाएगा। यदि नया भवन बनाया गया तो उसके लिए भी आसपास का क्षेत्र ही चुना जाएगा।

प्रशासन की घोषणा के बाद छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं ने इसे अपने चार दिन के आंदोलन की जीत बताया। उनका कहना था कि स्कूल को बचाने के लिए उठाई गई आवाज आखिरकार प्रशासन तक पहुंची और उनकी मांग मान ली गई।

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