यूसीसी पर भाजपा की जल्दबाज़ी, लेकिन ओबीसी और पिछड़ों के अधिकारों पर चुप्पी
भोपाल। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से जुड़े उज्जैन ज़मीन घोटाले का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस मामले पर सदन में विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए कहा कि इतने गंभीर विषय पर सरकार को विधानसभा के भीतर जवाब देना चाहिए। लेकिन, सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कराने से परहेज़ कर रही है, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन से नारेबाजी करते हुए वॉकआउट किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जो सरकार विधानसभा में सवालों का सामना करने से डरती है, वह जनता को क्या जवाब देगी? भाजपा सरकार विधानसभा को जवाबदेही का मंच नहीं, बल्कि अपनी ढाल बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से जुड़े कथित उज्जैन ज़मीन घोटाले पर सरकार को सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। जब तक इस मामले में जवाब नहीं मिलेगा, कांग्रेस जनता की आवाज़ बनकर सदन से सड़क तक हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष जारी रखेगी।
दूसरी तरफ सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 भी सदन में प्रस्तुत किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए यूसीसी लागू करने की जल्दबाज़ी में है। लेकिन, जब ओबीसी समाज, पिछड़े वर्गों और उनके अधिकारों की बात आती है, तो सरकार पूरी तरह खामोश हो जाती है।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि आखिर भाजपा ओबीसी समाज और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर चर्चा करने से क्यों कतरा रही है? प्रदेश की जनता इस दोहरे रवैये का जवाब चाहती है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह विधानसभा के भीतर और बाहर जनहित, सामाजिक न्याय और जवाबदेही के हर मुद्दे पर मजबूती से आवाज़ उठाती रहेगी तथा सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।