बर्रट-लुहारी सेक्टर एक माह से तकनीकी अधिकारी विहीन; सीसी रोड, नाली, पुलिया और श्मशान घाट के कामों की तकनीकी प्रक्रिया अटकी, सरपंच-सचिव परेशान
दमोह/पटेरा। जनपद पंचायत पटेरा के बर्रट और लुहारी सेक्टर में जिम्मेदारों की कार्यशैली का खामियाजा अब विकास कार्यों को भुगतना पड़ रहा है। दोनों सेक्टर करीब एक माह से उपयंत्री विहीन हैं। तत्कालीन उपयंत्री राहुल पटेल को 11 अगस्त को विभागीय आदेश के तहत रिलीव कर दिया गया, लेकिन उनकी जगह अब तक किसी नए उपयंत्री की पदस्थापना नहीं की गई। इतना ही नहीं, वैकल्पिक रूप से किसी अधिकारी को प्रभार भी नहीं सौंपा गया।
तकनीकी अधिकारी के अभाव में सीसी रोड, नाली, पुलिया और श्मशान घाट सहित पंचायतों के विभिन्न विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कार्यों की माप पुस्तिका, स्थल निरीक्षण, ले-आउट, पूर्णता प्रमाणन और मूल्यांकन जैसी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं अटकने से पंचायतों के भुगतान संबंधी काम भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। सरपंच-सचिव तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
रिलीव करने में तेजी, व्यवस्था में एक माह की सुस्ती
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उपयंत्री को रिलीव किया जा रहा था, तब वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? करीब एक माह बीतने के बाद भी दोनों सेक्टरों में तकनीकी अधिकारी की व्यवस्था नहीं होना जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इससे जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हलधर मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पर डाली जिम्मेदारी
मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ही जानकारी दे पाएंगे। अब सवाल यही है कि विकास कार्यों की तकनीकी प्रक्रिया कब तक अधिकारी विहीन रहेगी और व्यवस्था नहीं करने की जवाबदेही किसकी तय होगी?