← वापस
मध्यप्रदेश

वन विभाग के ‘साधारण’ लिपिक की असाधारण संपत्ति! छापे में नकदी-जेवर और तीन वाहन मिले,  

राजवाड़ा दर्पण
राजवाड़ा दर्पण
वन विभाग के ‘साधारण’ लिपिक की असाधारण संपत्ति! छापे में नकदी-जेवर और तीन वाहन मिले,

 

5 लाख नकद, किलोभर चांदी-जेवर,50 लाख की दुकान सामने आई; अब खुलेंगे संपत्ति के स्रोत

मंडला। पश्चिम सामान्य वन मंडल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 लिपिक श्वेतांक चौरसिया के राज राजेश्वरी वार्ड स्थित आवास पर बुधवार सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने छापा मारा। जबलपुर से पहुंची 14 सदस्यीय टीम की कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में लिपिक की घोषित आय की तुलना में संपत्ति और खर्च काफी अधिक पाए जाने का दावा किया गया है। जांच दल के अनुसार यह अंतर करीब 400 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

  20 साल पहले अनुकंपा नियुक्ति, अब संपत्ति की जांच

बताया गया कि श्वेतांक चौरसिया को करीब 20 वर्ष पहले वन विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। आय से अधिक संपत्ति को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद आर्थिक अपराध जांच दल ने गोपनीय जांच की। प्रारंभिक जांच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद मंडला न्यायालय से तलाशी आदेश प्राप्त कर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी और मंजीत सिंह ने किया। टीम में निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। निष्पक्षता के लिए दो राजपत्रित अधिकारियों को गवाह बनाया गया। सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पुलिस बल तथा चिकित्सा दल भी मौके पर मौजूद रहा।

     मकान,50 लाख की दुकान और तीन वाहन

तलाशी के दौरान आलीशान मकान के साथ करीब 50 लाख रुपए कीमत की दुकान की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। घर से लगभग 5 लाख रुपए नकद, 3 से 4 किलोग्राम चांदी और 150 से 200 ग्राम सोने के आभूषण मिलने की जानकारी है। इसके अलावा तीन चार पहिया वाहन, चार बैंक खातों की जानकारी,बीमा योजनाओं,बैंक लॉकर और सावधि जमा से जुड़े दस्तावेज भी जांच के घेरे में हैं।

     दुकान के भुगतान की भी पड़ताल

जांच दल के अनुसार पूरी नौकरी के दौरान लिपिक की वैध आय करीब 55 से 60 लाख रुपए आंकी गई है। हाल में खरीदी गई दुकान के भुगतान को लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि सौदे में बड़ी रकम नकद दी गई हो सकती है। संपत्ति का मूल्य कम दर्शाकर कर बचाने की संभावित गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है।

    पत्नी के व्यवसाय की जानकारी भी जुटाई

तलाशी के दौरान लिपिक की पत्नी द्वारा सौंदर्य प्रसाधन केंद्र संचालित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। जांच दल इस व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज और आय के स्रोतों की भी पड़ताल कर रहा है।

  अधिकारियों के अनुसार बैंक खातों,लॉकर और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही वास्तविक संपत्ति और आय के अंतर का स्पष्ट आंकड़ा सामने आएगा।

इंदौर वन वृत्त पर भी उठ रही चर्चाएं

मंडला की कार्रवाई के बाद इंदौर वन वृत्त में भी कथित रूप से आय से अधिक संपत्ति रखने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व में लोकायुक्त सहित विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा वन विभाग से जुड़े मामलों में कार्रवाई किए जाने के उदाहरण सामने आते रहे हैं।

खबरें और भी हैं...