मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
धार। वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वन मंडल धार के मैदानी अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. के मार्गदर्शन में 7 और 8 अगस्त को ईको सेंटर, धार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पहले बैच में धार, मांडव और धामनोद वन परिक्षेत्र के वनकर्मी शामिल हुए।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वनकर्मियों को वन्यजीव अपराधों की जांच, साक्ष्य जुटाने, कानूनी कार्रवाई और मानव-वन्यजीव संघर्ष की परिस्थितियों में तत्काल एवं प्रभावी कदम उठाने के लिए तैयार करना है। इसके साथ ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों की व्यावहारिक जानकारी भी दी जा रही है।
प्रशिक्षण में मुंबई के वन्यजीव कानून प्रवर्तन समन्वयक एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक संजय ठाकुर ने वन्यजीव अपराधों की जांच और कानून प्रवर्तन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने साक्ष्य संकलन, अपराध की जांच प्रक्रिया, कानूनी प्रावधानों तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के उपयोग के बारे में वनकर्मियों को प्रशिक्षित किया। मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई पर भी विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उप वन मंडल अधिकारी सुरेश बरोले, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रभुराम मुझाला सहित धार, मांडव और धामनोद परिक्षेत्र का वन अमला मौजूद रहा।

वन मंडल अधिकारी विजयानंथम टी.आर. ने कहा कि प्रशिक्षण से मैदानी कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान और कानूनी जानकारी मिलेगी। इससे वन्यजीव अपराधों पर कार्रवाई, वन संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
दूसरे बैच का प्रशिक्षण 10 और 11 अगस्त को सरदारपुर में होगा, जिसमें शेष चार वन परिक्षेत्रों के कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा।