750% से अधिक अनुपातहीन संपत्ति का मामला, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और पारिवारिक निवेश भी जांच के दायरे में
इंदौर। विद्युत मंडल के कर्मचारी शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी)आयकर विभाग, एमपीआईडीसी और अन्य संबंधित विभागों से आरोपी के वित्तीय लेनदेन, सेवा रिकॉर्ड तथा निवेश संबंधी जानकारी मांगी गई है। जांच में शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेशों की भी पड़ताल की जा रही है।
लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि अब तक की जांच में शिवराम सेमिल के पास करीब 17 करोड़ 12 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति सामने आई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह संपत्ति उनकी वैध आय की तुलना में 750 प्रतिशत से अधिक अनुपातहीन पाई गई है। फिलहाल उनकी वैध आय लगभग दो करोड़ रुपये आंकी गई है। सेवा संबंधी पूरा रिकॉर्ड मिलने के बाद आय और संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन किया जाएगा।
जांच टीम ग्वालियर-मुरैना स्थित आरोपी के पैतृक गांव भी पहुंची,जहां एक नवनिर्मित मकान, 40×20 फीट का भूखंड और करीब सवा बीघा कृषि भूमि मिलने की पुष्टि हुई। इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है।
लोकायुक्त के अनुसार आरोपी के दामाद और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर किए गए निवेश, एक फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों का भी परीक्षण किया जा रहा है। एमपीआईडीसी और अन्य एजेंसियों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर निवेश के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। हालांकि दामाद के खिलाफ अलग से कोई प्रकरण दर्ज नहीं है, लेकिन पारिवारिक वित्तीय संबंधों की जांच मुख्य मामले के हिस्से के रूप में जारी रहेगी। लोकायुक्त का कहना है कि सभी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।